Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

देश

Amarnath Yatra 2022: रहस्यों से भरी है अमरनाथ गुफा, जानें क्या है गुफा दो कबूतरों का रहस्य

amarnath cave
amarnath cave

नई दिल्ली: सनातन धर्म की पवित्र यात्रा है ये अमरनाथ यात्रा(Amarnath Yatra 2022), भगवान भोलेनाथ के अमरकथा का महागान है ये अमरनाथ धाम. बाबा बर्फानी(Baba Barfani) के नाम से मशहूर इस स्थान की जितनी मान्यता उतना ही दुर्गम स्थान भी है. 30 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है जो 11 अगस्त तक चलेगी. शिवभक्त पथरीली पहाड़ियों से होते हुए विपरीत परिस्थितियों को मात देते हुए बाबा बर्फानी के दर्शन पाते हैं.

खबर में खास
  • कठिन रास्ता
  • शिवलिंग का रहस्य
  • माता को सुनाई अमरकथा
  • कबूतरों का रहस्य
कठिन रास्ता

इस यात्रा में रास्ते उबड़ खाबड़ हैं कभी बर्फ पड़ने लगती है तो कभी तेज बारिश होती है यही वजह है कि एक हफ्ते पहले ही शुरू हुई इस अमरनाथ यात्रा में बारिश ने खलल डाल दिया है बिगड़े मौसम और भूस्खलन को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है. और तीर्थयात्रियों को मौसम साफ होने तक शिविरों में रहने को कहा गया है. ये स्थान जितना पवित्र है उतना ही रहस्यों से भरा है कहते हैं इस गुफा में कबूतरों का जोड़ा सदियों से यहां रहता है तो क्या है इसका रहस्य आईये जानते हैं.

शिवलिंग का रहस्य

अमरनाथ को लेकर मान्यता है कि भगवान शिव साक्षात यहां निवास करते हैं ऐसे में हर शिवभक्त की इच्छा होती है कि वो अपने जीवन में एक बार अमरनाथ की यात्रा कर चमत्कारिक शिवलिंग के दर्शन कर सके. इस पावन गुफा में बर्फीली बूंदों से बनने वाले इस हिम शिवलिंग को दैवीय चमत्कार के रूप में भी माना जाता हैआश्यर्य की बात ये है कि यहां बनने वाला शिवलिंग ठोस बर्फ का बना होता है जबकि गुफा में कच्ची बर्फ पड़ती है जो आमतौर पर हाथ में लेने में भुरभुरा जाए. कहते हैं कि इस गुफा में कबूतर का एक जोड़ा सदियों से मौजूद है

माता को सुनाई अमरकथा

पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने इस गुफा में माता पार्वती को अमरनात का रहस्य बताया था कहते हैं कि इस रहस्य को बताने के लिए भवान शिव को एकांत स्थान की आवश्यकता थी. गुप्त स्थान की तलाश में भगवान शिव ने जिस स्थान पर वाहन नंदी को छोड़ वो पहलगाम कहलाया यहीं से अमरनाथ यात्रा की शुरूआत होती है. माथे से चंद्रमा को जहां छोड़ा वो चंदनवाड़ी कहलाया. मां गंगा जी को पंचतरणी और गले के सर्पों को शेषनाग पर छोड़ दिया. शिव ने अपने पुत्र गणेश को गणेश टॉप पर छोड़ते हुए गुफा में प्रवेश किया. कोई तीसरा प्राणी इस अमरत्व कथा को ना सुन सके इसके लिए उन्होंने गुफा के चारों ओर अग्नि जलाई और जीवन के अमरता के रहस्यों को बताना शुरू कर दिया.

कबूतरों का रहस्य

ऐसी मान्यता है कि कथा सुनते सुनते पार्वती जी को नींद आ गई और कथा दो कबूतरों के जोड़े ने सुन लिया भगवान शिव का ध्यान माता पार्वती पर गया तो उन्होंने पार्वती को सोता पाया. तब उनकी नजर दो कबूतरों पर पड़ी जिसे देखते ही महादेव क्रोधित हो उठे. तभी दोनों कबूतरों ने महादेव से कहा कि हमने आपकी अमर कथा सुन ली है यदि आप हमे मार देगें तो आपकी ये कथा झूठी हो जाएगी. कहते हैं तभी से महादेव ने उन कबूतरों को वरदान दिया कि तुम दोनों इस स्थान पर शिव और पार्वती के प्रतीक के रूप में स्थान करोगे. तभी से इन कबूतरों को गुफा में देखा जाता है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

You May Also Like

क्रिकेट

दुनिया भर में टी 20 क्रिकेट लीग का क्रेज बढ़ता जा रहा है. IPL की बड़ी सफलता के बाद क्रिकेट खेलने वाले प्रत्येक देश...

क्रिकेट

ZIM vs BAN: जिंबाब्वे ने तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में बांग्लादेश को 5 विकेट से हरा दिया है. जीत के...

स्पोर्ट्स

CWG 2022: भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian women hockey team) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में अपना सफर ब्रांज मेडल के साथ समाप्त किया है....

क्रिकेट

IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 वें और आखिरी टी 20 मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस...

Advertisement