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J&K से धारा 370 हटने के 3 साल: 174 जवान शहीद, 124 आम लोगों ने भी गंवाई जान

Jammu-Kashmir
तिरंगे की रोशनी से नहाया लाल चौक (Photo: ANI)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) की आजादी को तीन साल हो गए हैं. इन तीन साल में नए जम्मू-कश्मीर की फिजां में जबर्दस्त बदलाव आया है. दहशत का माहौल अब काफी बदल चुका है. अब डल झील के इलाके में देर रात तक चहल पहल रहती है. हालांकि आतंकियों को ये बात हजम नहीं हो रही है. घाटी में दहशत फैलाने के लिए आतंकी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

इस खबर में ये है खास

  • धारा 370 हटने के बाद कम हुआ आतंक
  • आतंकी घटनाओं में आई काफी कमी
  • आतंकियों को अंजाम तक पहुंचाया गया
  • एक करोड़ से ज्यादा सैलानी पहुंचे

धारा 370 हटने के बाद कम हुआ आतंक

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने धारा 370 के निरस्तीकरण के पहले और बाद के 3 साल की घटनाओं की तुलना करते हुए डाटा शेयर किया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जानकारी दी है कि कश्मीर जोन में आतंकी घटनाओं में कमी आई है. पुलिस ने इन मामलों को 6 कैटेगरी में बांटा है. इनमें लॉ एंड ऑर्डर की घटनाएं जो 5 अगस्त 2016 से 4 अगस्त 2019 के बीच में 3,686 हुई थीं. 5 अगस्त 2019 से 4 अगस्त 2022 के बीच में सिर्फ 438 ही हुईं.

आतंकी घटनाओं में आई काफी कमी

मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 को हटाकर प्रदेश को 2 राज्यों में बांट दिया था. अनुच्छेद-370 हटने के बाद आतंकी घटनाओं में काफी कमी आई है. 5 अगस्त, 2016 से 4 अगस्त, 2019 के बीच कुल 930 घटनाएं हुई थीं, जो 370 हटाए जाने के बाद घटकर 617 हो गईं. धारा 370 से हटने से तीन साल पहले तक 290 जवान शहीद हुए थे और 191 नागरिक मारे गए थे. वहीं धारा 370 हटाए जाने के 3 साल बाद 174 जवान शहीद हुए और 110 लोग मारे गए.

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आतंकियों को अंजाम तक पहुंचाया गया

धारा 370 हटाए जाने के बाद आतंकियों और अलगाववादियों को उनके असली मुकाम तक पहुंचाने का काम जारी है. के दशक में आतंकवाद का चेहरा रहे यासीन मलिक को हाल ही में टेरर फंडिंग मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई गई. इसका भी कश्मीर की जनता पर कोई फर्क नहीं पड़ा है. जबकि पहले बवाल काट दिया जाता था. किसी भी आतंकी की गिरफ्तारी पर विरोध-प्रदर्शन होते थे. प्रशासन को भी कर्फ्यू लगाना पड़ता था.

एक करोड़ से ज्यादा सैलानी पहुंचे

घाटी के माहौल में आए बदलाव से यहां पर्यटन को पंख भी लगे हैं. रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक आए हैं. मां वैष्णो देवी के भक्तों के साथ ही कश्मीर में भी सैलानियों का जमावड़ा लगा रहा. अप्रैल से लेकर जुलाई तक चार महीने लगभग सभी पर्यटन स्थलों पर होटल, हाउसबोट, शिकारे सभी फुल रहे. जम्मू-कश्मीर में अगले साल जी-20 सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है. भ्रष्टाचार पर भी लगाम है.

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