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Congress President Election: क्या नेताजी बोस का इतिहास दोहरा पाएंगे थरूर? कांग्रेस दोहरा रही 83 साल पुरानी कहानी

राहुल गांधी को मनाने की तमाम कोशिशों के नाकाम होने के बाद अब चुनाव के जरिए अध्यक्ष की तलाश होगी. सूत्रों के मुताबिक गांधी परिवार की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उतारा जाएगा. वहीं उनके सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ताल ठोंकने की तैयारी कर रहे हैं.

Ashok Gehlot-Shashi Tharoor
अशोक गहलोत-शशि थरूर (File Photo: ANI)

कांग्रेस पार्टी में एक लंबे अंतराल के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने के संकेत मिल रहे हैं. राहुल गांधी को मनाने की तमाम कोशिशों के नाकाम होने के बाद अब चुनाव के जरिए अध्यक्ष की तलाश होगी. सूत्रों के मुताबिक गांधी परिवार की ओर से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उतारा जाएगा. वहीं उनके सामने पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ताल ठोंकने की तैयारी कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक उन्हें सोनिया गांधी से इसकी इजाजत भी मिल गई है.

इस खबर में ये है खास

  • 22 साल से गांधी परिवार के पास है कुर्सी
  • गांधी परिवार Vs जी-23 का होगा मुकाबला?
  • 83 साल पुरानी कहानी हो रही रिपीट
  • क्या नेताजी का इतिहास दोहरा पाएंगे थरूर?

22 साल से गांधी परिवार के पास है कुर्सी

आजादी के बाद से कांग्रेस पार्टी पर ज्यादातर गांधी परिवार का कब्जा रहा है. पिछले 73 साल में 38 साल गांधी परिवार से अध्यक्ष बने हैं. पिछले 22 साल से कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर गांधी परिवार का ही शख्स बैठता रहा है. कांग्रेस की वर्तमान अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी 19 साल तक कांग्रेस अध्यक्ष रहीं. उन्‍होंने 2017 में बेटे राहुल गांधी को प्रभार सौंपा था. हालांकि 2019 के चुनाव में लगातार दूसरी बार पार्टी के हारने के राहुल ने अध्‍यक्ष पद छोड़ दिया था और कुर्सी फिर से सोनिया के पास पहुंच गई थी.

गांधी परिवार Vs जी-23 का होगा मुकाबला? 

सूत्रों के मुताबिक गांधी परिवार की ओर से अशोक गहलोत के नाम पर मुहर लग चुकी है. 26 सितंबर को गहलोत अपना नामांकन भी दाखिल कर सकते हैं. वहीं उनके सामने शशि थरूर ने भी अपना पूरा मन बना लिया है. बता दें कि कांग्रेस पार्टी में थरूर को G-23 ग्रुप का सदस्य माना जाता है. ये वही ग्रुप है जो पिछले कई सालों से पार्टी नेतृत्व में बदलाव की बात कह रहा है. इस ग्रुप के कई सदस्यों ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है. ऐसे में ये लड़ाई गांधी परिवार बनाम जी-23 ग्रुप की मानी जा रही है.

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83 साल पुरानी कहानी हो रही रिपीट

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर पार्टी में 83 साल पुरानी कहानी दोहराते हुए नजर आ रही है. गांधी परिवार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नए कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में देखना चाहता है. वहीं शशि थरूर ने भी अपनी दावेदारी ठोंक दी है. कुछ ऐसा ही 1939 में हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में देखने को मिला था. उस वक्त पट्टाभि सीतारमैया के सामने नेताजी सुभाष चंद्र बोस खड़े हो गए थे. उस वक्त पट्टाभि सीतारमैया को गांधी जी का समर्थन मिला हुआ था. तो आज गहलोत के लिए गांधी परिवार अपनी पूरी ताकत लगा देगा.

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क्या नेताजी का इतिहास दोहरा पाएंगे थरूर?

1938 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को निर्विरोध कांग्रेस अध्यक्ष चुना गया था. 1939 में महात्मा गांधी उन्हें बदलना चाहते थे. बापू ने पहले मौलाना अबुल कलाम आजाद और फिर जवाहर लाल नेहरू से चुनाव लड़ने को कहा, लेकिन दोनों ही नेता सुभाष बाबू की ताकत को देखते हुए अपनी किरकिरी नहीं कराना चाहते थे. दोनों के इंकार करने के बाद गांधी जी ने पट्टाभि सीतारमैया को खड़ा कर दिया. हालांकि पद्दाभि को भी 203 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था. अब सवाल ये है कि क्या नेताजी बोस वाला इतिहास शशि थरूर भी दोहरा पाएंगे.

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