Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

देश

Freebies: ‘रेवड़ी कल्चर’ पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज, बन सकती है विशेषज्ञों की कमेटी

श्रीलंका के कंगाल होने के बाद देश में इन दिनों राजनीतिक दलों द्वारा बांटी जाने वाली ‘मुफ्त की योजनाओं’ की काफी चर्चा हो रही है. ‘रेवड़ी कल्चर’ पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर से सुनवाई होने वाली है. इस मामले में आज विशेषज्ञों की कमेटी बनाई जा सकती है.

Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट (File Photo: ANI)

देश में ‘रेवड़ी कल्चर’ (Freebies) एक बड़ी गंभीर समस्या बन गई है. चुनावों में राजनीतिक पार्टियां अपने फायदे के लिए फ्री स्कीमों के वादे करती हैं और उसे पूरा करती हैं. इससे देश/प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है. ‘रेवड़ी कल्चर’ पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सख्त हो गया है. सर्वोच्च न्यायालय में आज फिर से सुनवाई होनी वाली है. पिछली सुनवाई में मोदी सरकार (Modi Government) ने कोर्ट में अपनी दलील पेश की थी और सुप्रीम कोर्ट ने मामले को लेकर विशेषज्ञों की समित बनाने की बात कही थी.

इस खबर में ये है खास

  • बन सकती है विशेषज्ञों की कमेटी
  • 'अर्थव्यवस्था का पैसा डूब रहा है'
  • रेवड़ी कल्चर के समर्थन में है AAP
  • IAS अशोक खेमका का ट्वीट चर्चा में

बन सकती है विशेषज्ञों की कमेटी

श्रीलंका के कंगाल होने के बाद देश में इन दिनों राजनीतिक दलों द्वारा बांटी जाने वाली ‘मुफ्त की योजनाओं’ की काफी चर्चा हो रही है. ‘रेवड़ी कल्चर’ पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर से सुनवाई होने वाली है. इस मामले में आज विशेषज्ञों की कमेटी बनाई जा सकती है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि इस समिति में वित्त आयोग, नीति आयोग, भारतीय रिजर्व बैंक, लॉ कमीशन और राजनीतिक पार्टियों समेत दूसरे पक्षों के प्रतिनिधि भी होने चाहिए.

‘अर्थव्यवस्था का पैसा डूब रहा है’

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इसे एक गंभीर विषय बताया था. चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि चुनावी मौसम के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त गिफ्ट का वादा और वितरण एक गंभीर मुद्दा है. इससे अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है. कोई नहीं कहता कि यह कोई मुद्दा नहीं है. यह एक गंभीर मुद्दा है. जिन्हें मुफ्त की सुविधाएं मिल रही हैं वे इसे जारी रखना चाहते हैं.

Advertisement. Scroll to continue reading.

रेवड़ी कल्चर के समर्थन में है AAP

वहीं आम आदमी पार्टी की ओर से रेवड़ी कल्चर का समर्थन किया गया है. आप पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को मुफ्तखोरी का नाम दिया जा रहा है. बता दें कि बीजेपी नेता और वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने ‘मुफ्त की रेवड़ी’ के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को इस पर एक नीति तैयार करने का निर्देश दिया था.

Freebies: क्या बीजेपी नहीं बांटती ‘मुफ्त की रेवड़ियां’? रेवड़ी कल्चर और वेलफेयर स्कीम का अंतर समझिए

IAS अशोक खेमका का ट्वीट चर्चा में

इस मामले को लेकर हरियाणा के चर्चित IAS अधिकारी अशोक खेमका का ट्वीट काफी चर्चा में है. उन्होंने ट्वीट किया कि चुनाव में कुछ राजनीतिक दल मुफ्त रेवड़ी का वादा करते हैं. क्या यह रेवड़ी मुफ्त होती है या फिर इसकी कीमत जनता को चुकानी पड़ती है. थोड़ा बोझ तो वादा करने वालों को भी अपनी जेब से उठाना चाहिए. बता दें कि पिछले दिनों यह चर्चाएं भी उड़ी थी कि खेमका स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं. लेकिन अब उनके इस ट्वीट से अटकलों पर विराम लगता दिख रहा है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

You May Also Like

टेक-ऑटो

नई दिल्ली : चाइना की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Xiaomi ने अपना नया स्मार्टफोन Civi 2 को लॉन्च कर दिया है. कंपनी द्वारा इस स्मार्टफोन...

बॉलीवुड

Bigg Boss: बिग बॉस एक ऐसा रियलिटी शो है, जो टीआरपी में सबसे आगे रहा है. आगामी 1 अक्टूबर से कलर्स टीवी पर बिग...

क्रिकेट

Australia Team Announced, AUS vs WI: अनुभवी सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर और तीन अन्य शीर्ष खिलाड़ी वेस्टइंडीज के खिलाफ दो मैच की सीरीज के...

देश

देश में धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देकर आतंकवाद फैलाने वाले मुस्लिम संगठन PFI पर मोदी सरकार ने 5 साल के लिए बैन लगा दिया...

Advertisement