Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

देश

Congress के चिंतन शिविर में चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को लेकर दिया बयान, कहा- ‘स्थिति चिंता का विषय’

Congress के चिंतन शिविर में चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को लेकर दिया बयान
Congress के चिंतन शिविर में चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था को लेकर दिया बयान

नई दिल्लीः कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और पिछले आठ वर्षों में धीमी आर्थिक विकास दर केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार की पहचान रही है. पूर्व वित्त मंत्री ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि वैश्विक और स्थानीय घटनाक्रमों के मद्देनजर यह जरूरी हो गया है कि उदारीकरण के 30 साल के बाद अब आर्थिक नीतियों को फिर से तय करने पर विचार किया जाए. उन्होंने हालांकि कहा कि उनकी इस मांग का यह मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस उदारीकरण से पीछे हट रही है, बल्कि उदारीकरण के बाद पार्टी आगे की ओर कदम बढ़ा रही है.

खबर में खास

  • स्थिति गंभीर चिंता का विषय
  • राजकोषीय संबंधों की समीक्षा
  • एक किसान विरोधी कदम
स्थिति गंभीर चिंता का विषय

चिदंबरम ने कहा, ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है. पिछले 8 वर्षों में धीमी आर्थिक विकास दर केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार की पहचान रही है.’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘महामारी के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार बहुत साधारण और अवरोध से भरा रहा है. पिछले पांच महीनों के दौरान समय समय पर 2022-23 के लिए विकास दर का अनुमान कम किया जाता रहा है.’’ उन्होंने कहा कि महंगाई अस्वीकार्य स्तर पर पहुंच गई है और आगे भी इसके बढ़ते रहने की आशंका है.

राजकोषीय संबंधों की समीक्षा

उनके मुताबिक, रोजगार की स्थिति कभी भी इतनी खराब नहीं रही. चिदंबरम ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) के बकाये का उल्लेख करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र और राज्यों के बीच के राजकोषीय संबंधों की समग्र समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा, ‘‘उदारीकरण के 30 वर्षों के बाद यह महसूस किया जा रहा है कि वैश्विक और स्थानीय घटनाक्रमों को देखते हुए आर्थिक नीतियों को फिर से तय करने के बारे में विचार करने की जरूरत है.’’

एक किसान विरोधी कदम

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘भारत सरकार कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर महंगाई का ठीकरा नहीं फोड़ सकती. महंगाई में बढ़ोतरी यूक्रेन युद्ध के शुरू होने के पहले से हो रही है.’’ गेहूं के निर्यात पर रोक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि केंद्र सरकार पर्याप्त गेहूं खरीदने में विफल रही है. यह एक किसान विरोधी कदम है। मुझे हैरानी नहीं है क्योंकि यह सरकार कभी भी किसान हितैषी नहीं रही है.’’

Advertisement. Scroll to continue reading.

You May Also Like

राज्य

सरकार ने कहा कि विभाग सदैव पात्र कार्डधारकों को नियमानुसार उनकी पात्रता के अनुरूप नवीन राशन कार्ड निर्गमित करता है. एक अप्रैल, 2020 से...

क्रिकेट

Dinesh Karthik Back In Indian Team: साउथ अफ्रीका सीरीज के साथ 5 टी 20 मैचें की सीरीज के लिए 18 सदस्यों वाली भारतीय क्रिकेट...

बॉलीवुड

‘कभी कभी’, ‘अमर अकबर एंथोनी’, ‘काला पत्थर’ और ‘याराना’ जैसी चर्चित फिल्मों में भूमिका निभा चुकीं नीतू कपूर (63) ने कहा कि एक विराम...

क्रिकेट

Indian Cricket Team, Shikhar Dhawan: साउथ अफ्रीका के साथ टी 20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम (Indian Cricket Team)में शामिल किए गए अधिकांश...

Advertisement