Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

देश

NASA Satellite पृथ्वी के इर्द-गिर्द ग्रहपथ से अलग होकर चांद की ओर रवाना

Source-NASA-Twitter
Source-NASA-Twitter

नई दिल्ली: पृथ्वी के इर्द गिर्द चक्कर लगा रहा माइक्रोवेव ओवन के आकार वाला NASA satellite (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) का एक उपग्रह सोमवार को अपनी कक्षा से सफलतापूर्वक अलग हो गया और अब यह चंद्रमा की तरफ बढ़ रहा है. इसी के साथ अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा की सतह पर फिर से अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने की अपनी योजना के तहत एक और कदम बढ़ा दिया है. ‘कैप्स्टोन’ उपग्रह की यात्रा पहले से ही कई मायने में असामान्य रही है. इस उपग्रह को छह दिन पहले न्यूजीलैंड के माहिआ प्रायद्वीप से प्रक्षेपित किया गया था. इसे रॉकेट लैब कंपनी ने अपने छोटे से इलेक्ट्रॉन रॉकेट से प्रक्षेपित किया था.

खबर में खास
  • चांद पर पहुंचने में लगेंगे चार महीने
  • कैप्स्टोन उपग्रह भेजेगा सूचनाएं
चांद पर पहुंचने में लगेंगे चार महीने

इस उपग्रह को चांद पर पहुंचने में चार और महीने लगेंगे. यह उपग्रह कम से कम ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए अकेले ही चांद की ओर बढ़ रहा है. रॉकेट लैब के संस्थापक पीटर बेक ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा कि वह अपने उत्साह को शब्दों में बयां नहीं कर पा रहे. बेक ने कहा, ‘‘इस परियोजना पर हमने दो-ढाई साल का समय लगाया. इसका क्रियान्वयन बहुत ही कठिन था.’’ उन्होंने कहा कि अपेक्षाकृत कम लागत वाली यह कोशिश अंतरिक्ष अभियान की दिशा में नये युग की शुरुआत करेगी. नासा ने इस पर 3.27 करोड़ डॉलर खर्च किए हैं. बेक ने कहा कि अब कुछ करोड़ डॉलर में आप के पास रॉकेट और अंतरिक्ष यान होंगे, जो आप को सीधे चंद्रमा, क्षुद्रग्रहों और शुक्र तथा मंगल ग्रह पर ले जाएंगे.

कैप्स्टोन उपग्रह भेजेगा सूचनाएं

उन्होंने कहा कि यदि आगे का अभियान सफल रहता है, तो कैप्स्टोन उपग्रह अहम सूचनाएं महीनों तक भेजता रहेगा. नासा की योजना कक्षीय मार्ग में ‘गेटवे’ नामक अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करने की है, जहां से अंतरिक्ष यात्री इसके ‘अर्टेमिस’ कार्यक्रम के तहत चंद्रमा की सतर पर उतर सकेंगे. बेक के मुताबिक, नई कक्षा का महत्व यह है कि इससे ईंधन का इस्तेमाल कम हो जाता है और यह उपग्रह या अंतरिक्ष स्टेशन को धरती के लगातार संपर्क में रखती है. न्यूजीलैंड से 28 जून को प्रक्षेपित किया गया इलेक्ट्रॉन रॉकेट अपने साथ ‘फोटोन’ नामक एक दूसरा अंतरिक्ष यान ले जा रहा था. अंतरिक्ष यान के इंजन के सोमवार को समय-समय पर चलने पर ‘फोटोन’ पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से अलग हो गया और इसने उपग्रह को उसके रास्ते पर भेज दिया.

You May Also Like

क्रिकेट

दुनिया भर में टी 20 क्रिकेट लीग का क्रेज बढ़ता जा रहा है. IPL की बड़ी सफलता के बाद क्रिकेट खेलने वाले प्रत्येक देश...

क्रिकेट

ZIM vs BAN: जिंबाब्वे ने तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में बांग्लादेश को 5 विकेट से हरा दिया है. जीत के...

स्पोर्ट्स

CWG 2022: भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian women hockey team) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में अपना सफर ब्रांज मेडल के साथ समाप्त किया है....

क्रिकेट

IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 वें और आखिरी टी 20 मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस...

Advertisement