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PM Modi Birthday: पीएम नरेंद्र मोदी- BJP के लिए तुरुप का इक्का तो विपक्ष के लिए तिलिस्म

PM Modi Birthday: 2014 वो साल था, जिसे कांग्रेस कभी नहीं भूल पाएगी. इस साल न केवल ब्रांड मोदी का उदय हो रहा था, बल्कि कांग्रेस का सूरज डूब भी रहा था.

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PM Modi Birthday: पीएम नरेंद्र मोदी- BJP के लिए तुरुप का इक्का तो विपक्ष के लिए तिलिस्म (File Photo)

PM Modi Birthday: 2014 वो साल था, जिसे कांग्रेस कभी नहीं भूल पाएगी. इस साल न केवल ब्रांड मोदी का उदय हो रहा था, बल्कि कांग्रेस का सूरज डूब भी रहा था. नरेंद्र मोदी ने चुनाव जीतकर जब संसद भवन की सीढ़ियों पर शीश नवाया था तब किसने सोचा था कि विपक्ष के हाथ से न केवल एक एक करके राज्य निकलते चले जाएंगे और बीजेपी को मात देना सपना सरीखा हो जाएगा. आज विपक्ष असहाय और निरीह बन चुका है और इसका अगर क्रेडिट किसी को जाता है तो वो केवल और केवल पीएम नरेंद्र मोदी हैं. पीएम मोदी की नीतियां, रणनीतियां विपक्ष या तो समझ नहीं पा रहा है या फिर समझकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है. 17 सितम्बर को जब पीएम मोदी अपना 72वां जन्मदिन मना रहे होंगे, तब विपक्ष इस उधेड़बुन में लगा हुआ होगा कि कैसे मोदी को सत्ता से बाहर किया जाए.

खबर में खास
  • बीजेपी की देशव्यापी पहचान बनाई
  • गुजरात-हिमाचल में हार मान चुका विपक्ष
  • 2018 में नायडू, 2024 के लिए नीतीश
  • ये राज्य बने हुए हैं पीएम मोदी के लिए चुनौती
  • पीएम मोदी को जीतने के लिए और क्या चाहिए
बीजेपी की देशव्यापी पहचान बनाई

नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद बीजेपी ने महाराष्ट्र, असम और हरियाणा के अलावा पूर्वोत्तर के अधिकांश राज्यों में अपनी सरकार बनाई. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के किले में सेंध लगाई. मध्य प्रदेश में कांग्रेस और कर्नाटक में कुमारस्वामी की सरकार को बाहर का रास्ता दिखा दिया. जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ मिलकर पहली बार सरकार बनाई. उत्तराखंड में पहली बार कोई पार्टी सत्ता में लौटी तो वो बीजेपी थी और इस करिश्मे का श्रेय भी केवल और केवल पीएम मोदी को जाता है. उत्तर प्रदेश में तो और भी कमाल हो गया. आज़ादी के बाद पहली बार कोई मुख्यमंत्री लगातार जीतकर दोबारा सत्ता में लौटा. गजरात में पिछले विधानसभा चुनाव के समय लगा था कि बीजेपी वहां मात खा जाएगी, लेकिन ऐन वक़्त पर पीएम मोदी ने ऐसा चमत्कार दिखाया कि बीजेपी फिर से सत्ता में लौट आई.

गुजरात-हिमाचल में हार मान चुका विपक्ष

गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव सिर पर हैं लेकिन विपक्ष इन चुनावों से ज्यादा 2024 को अहमियत दे रहा है. ऐसा लग रहा है कि गुजरात और हिमाचल चुनावों को लेकर विपक्ष पहले से पस्त हो चुका है. पीएम मोदी जहां बार-बार गुजरात और हिमाचल के दौरे पर जा रहे हैं, वहीं दोनों राज्यों में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेता भारत जोड़ो यात्रा पर हैं. भारत जोड़ो यात्रा के मध्य में ही कांग्रेस गोवा में बुरी तरह टूट चुकी है. ऐसा लगता है कि पीएम मोदी के तिलिस्म के आगे विपक्ष की एक भी नहीं चल रही है और सब पीएम मोदी के मनमुताबिक चल रहा है.

2018 में नायडू, 2024 के लिए नीतीश

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले TDP नेता चंद्रबाबू नायडू ने NDA का दामन छोड़कर पीएम मोदी क खिलाफ विरोध का बिगुल फूंका था और देश भर के नेताओं से मुलाक़ात कर मोदी विरोध में आवाज बुलंद की थी. सबने देखा था कि उनका क्या हश्र हुआ. इस बार विरोध का सेहरा बिहार के CM नीतीश कुमार ने अपने सिर सजाया है और वे पीएम पद के लिए अभी की चर्चाओं में सबसे आगे दिख रहे हैं. यह देखना बाकी है कि 2024 की लड़ाई में वे सफल हो पाते हैं या फिर पीएम मोदी का राजयोग एक बार फिर से कमाल दिखायेगा.

ये राज्य बने हुए हैं पीएम मोदी के लिए चुनौती

पीएम मोदी के सामने एक चुनौती यह है कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में अब तक उनका कोई ख़ास करिश्मा नहीं दिखा है. इन राज्यों के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी उनके सामने अबूझ पहेली बने हुए हैं. आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में स्थानीय नेताओं के करिश्मे के चलते पीएम मोदी के लिए वहां अपना चमत्कार दिखाना चुनौती साबित हो रहा है. तेलंगाना में तो फिर भी बीजेपी आमने-सामने की टक्कर में आ चुकी है. अनुच्छेद 370 के बाद जम्मू कश्मीर के लोग पीएम मोदी और बीजेपी के बारे में क्या सोच रखते हैं, इसका भी लिटमस टेस्ट होना बाकी है.

पीएम मोदी को चुनाव जीतने के लिए और क्या चाहिए

तमाम चुनौतियों के बाद भी 2024 के तरकश में पीएम मोदी ने तमाम अस्त्र शस्त्र और ब्रह्मास्त्र सजा लिया है. 2024 से पहले देश को नया संसद भवन मिल जाएगा. 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी होगी. बीजेपी इसको भुनाएगी, इसमें भी कोई शक नहीं है. 2024 से पहले देश को राम मंदिर भी मिल जाएगा। ज्ञानवापी विवाद और मथुरा जन्मस्थान विवाद 2024 तक चरम पर पहुँच सकता है. कॉमन सिविल कोड को लेकर भी सुगबुगाहट है. 2024 से पहले देश को मिसाइल रक्षा प्रणाली S 400 मिल जाएगी. चीन और पाकिस्तान क खिलाफ बीजेपी इसे बड़ा अश्त्र बनाएगी, इसमें भी कोई संदेह नहीं है. यह भी हो सकता है कि 2024 से पहले देश में CAA लागू हो जाए. सरकारी गलियारों में यह भी चर्चा है कि श्रीमद्भगवद्गीता को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित किया जाएगा. 2024 में बीजेपी के लिए बड़ा मुद्दा साबित हो सकता है. इन सबके अलावा बिखरा विपक्ष तो है ही. पीएम मोदी को चुनाव जीतने के लिए और क्या चाहिए.

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