Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

देश

2024 के लिए बदल रहे हैं समीकरण, देखिए 2014 के बाद कितने दलों ने छोड़ा NDA, कितने आए साथ?

पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की कोशिश है कि तीसरी बार सत्ता हासिल की जाए. वहीं विपक्ष अब किसी भी तरह से बीजेपी को सत्ता से हटाने की रणनीति तैयार कर रहा है. इस रस्साकशी में दोस्त और दुश्मनों की सूरतें भी बदल रही हैं. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में जो तस्वीर सामने आई है, उससे 2024 के समीकरण काफी बदलते दिख रहे हैं.

PM Modi Vs Rahul Gandhi
बिलकिस बानो मामले पर राहुल गांधी ने साधा निशाना

2024 में भले ही अभी वक्त हो, लेकिन तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी है. हर दल अपनी-अपनी रणनीति पर काम करना शुरू कर चुके हैं. पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की कोशिश है कि तीसरी बार सत्ता हासिल की जाए. वहीं विपक्ष अब किसी भी तरह से बीजेपी को सत्ता से हटाने की रणनीति तैयार कर रहा है. इस रस्साकशी में दोस्त और दुश्मनों की सूरतें भी बदल रही हैं. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में जो तस्वीर सामने आई है, उससे 2024 के समीकरण काफी बदलते दिख रहे हैं.

इस खबर में ये है खास

  • अंतर्कलह से उभर पाएगी कांग्रेस
  • ममता खुद बनना चाहती हैं अगुवाकार
  • देशभर में चलेगी केजरीवाल की झाड़ू?
  • 2014 के बाद बदल गया NDA का स्वरूप
  • 2024 के लिए नए समीकरण बन रहे हैं

अंतर्कलह से जूझ रही है कांग्रेस

देश में एकछत्र राज करने वाली कांग्रेस पार्टी इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है. 2014 के बाद से पार्टी का दायरा लगातार सिकुड़ता जा रहा है. इस समय अपने अंतर्कलह से जूझ रही है. पार्टी के नेता लगातार दूसरे दलों में जा रहे हैं. कांग्रेस मुक्त भारत की राह में जो 2 राज्य पिलर के रूप में अभी तक खड़े हैं, वे हैं राजस्थान और छत्तीसगढ़. हालांकि यहां भी आपसी नूराकुश्ती जारी है. राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट की दूरी को आलाकमान खत्म नहीं कर पा रहा है. तो वहीं छत्तीसगढ़ में भी सीएम भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के बीच 36 का आंकड़ा है.

ममता खुद बनना चाहती हैं अगुवाकार

राजनीतिक दलों के सामने इस समय पीएम मोदी और बीजेपी का विकल्प बनने की चुनौती तो है ही, लेकिन उनके सामने इससे भी बड़ी चुनौती यह है कि विपक्षी दलों का मुखिया कौन होगा? पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने अब कांग्रेस के झंडे के नीचे खड़े होने से इंकार कर दिया है. राहुल गांधी की काबिलियत पर ममता कई बार सवाल उठा चुकी हैं. राष्ट्रपति चुनाव में वो खुद अगुवाकार बनीं, जिसे कांग्रेस ने स्वीकार किया. लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के झंडे तले ममता ने खड़े होने से साफ मना कर दिया. बिखरा विपक्ष मोदी की ताकत बनता जा रहा है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

2024 के लिए क्या है BJP का ‘मिशन 144’, जीत की हैट्रिक लगाने के लिए धांसू प्लान तैयार

देशभर में चलेगी केजरीवाल की झाड़ू?

वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी राष्ट्रीय स्तर पर झाड़ू चलाने की कोशिश में लगे हैं. केजरीवाल की जंग बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस के खिलाफ दिखाई दे रही है. आम आदमी पार्टी की आज देश के 2 राज्यों (दिल्ली और पंजाब) में पूर्ण बहुमत की सरकार है. खास बात ये है कि दोनों ही जगह उन्होंने कांग्रेस से कुर्सी छीनी है. अब वे गुजरात और हिमाचल प्रदेश के दंगल में ताल ठोंकने वाले हैं. उनकी कोशिश है कि वे भले ही बीजेपी को सत्ता से ना हटा पाएं, लेकिन कांग्रेस की जगह मुख्य विपक्षी दल की कुर्सी हासिल की जाए.

2014 के बाद बदल गया NDA का स्वरूप

विपक्ष की तरह NDA में भी 2014 के बाद से बड़ा फेरबदल हुआ है. बीजेपी जिस शिरोमणि अकाली दल के साथ पिछले 30 साल से दोस्ती का ड्यूट सॉन्ग गा रही थी, वो अब जानी दुश्मन हो चुकी है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी बीजेपी के साथ रिश्ता तोड़कर एनसीपी और कांग्रेस के साथ दोस्ती की नई इबारत लिखी. हालांकि बीजेपी ने एकनाथ शिंदे को अपना दोस्त बनाकर शिवसेना को ही 2 खेमो में बांट दिया. आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और TDP अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू से भी मोदी की दोस्ती ज्यादा दिनों तक चल नहीं सकी. यूपी में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर भी भरोसेमंद नहीं बचे. बिहार में नीतीश कुमार भले ही बीजेपी की रहमोकरम से सरकार चला रहे हों, लेकिन जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने साफ कह दिया है कि भविष्य पर अभी फैसला नहीं लिया गया है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

2024 के लिए नए समीकरण बन रहे हैं

ऐसा नहीं है कि 2024 में बीजेपी अकेले पड़ जाएगी. पीएम मोदी ने कुछ ऐसे नेताओं को खोज लिया है जो भले ही उनके आधिकारिक दोस्त नहीं हैं, लेकिन संकट के समय में उनकी मदद करते हैं. आंध्र प्रदेश में यदि चंद्रबाबू नायडू ने पीएम मोदी से रिश्ता तोड़ा, तो मोदी ने मुख्यमंत्री वाईएस. जगत मोहन रेड्डी को दोस्त बना लिया. मोदी के लिए ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने भी हमेशा संकटमोचक की भूमिका निभाई है. यूपी में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर से बीजेपी से दोस्ती करने की कोशिश में लगे हैं. शिवसेना का एक बड़ा तबका बीजेपी से दोबारा जुड़ ही गया है. पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर के रूप में बीजेपी को नया साथी मिला है. अकाली दल के दोस्ती तोड़ने का कारण भी मोदी ने खत्म कर दिया था.

You May Also Like

बॉलीवुड

मॉडल ने पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी. मौके से एक सुसाइड नोट मिला है. सुसाइड नोट में लिखा है, मौत के...

बॉलीवुड

मुंबई के अंधेरी इलाके में 30 साल की मॉडल आकांक्षा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले आकांक्षा ने सुसाइट नोट में...

बॉलीवुड

इन फिल्मों को 68वें राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है. ऐसे में अब प्रोड्यूसर भूषण कुमार (Bhushan Kumar) ने अपना आभार व्यक्त...

देश

नई दिल्ली : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्‍यक्ष और उत्‍तर प्रदेश की पूर्व मुख्‍यमंत्री मायावती (Mayawati) ने केंद्र सरकार द्वारा इस्लामी संगठन पॉपुलर...

Advertisement