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भारत जोड़ो यात्रा से पहले गुलाम, आठवें दिन गोवा, 19 वें दिन गहलोत ने कांग्रेस को हिला डाला

भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के माध्यम से राहुल गांधी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. दक्षिण भारत में इसका असर भी दिख रहा है. वहीं दूसरी तरफ, कुछ कांग्रेसी ही भारत जोड़ो यात्रा की हवा निकाल रहे हैं.

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भारत जोड़ो यात्रा पर राहुल गांधी, कांग्रेस तोड़ो मुहिम चला रहे कांग्रेसी

2024 में मोदी सरकार (Modi Govt) को मात देने और उसके लिए जन समर्थन जुटाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हैं. भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के माध्यम से राहुल गांधी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. दक्षिण भारत में इसका असर भी दिख रहा है. वहीं दूसरी तरफ, कुछ कांग्रेसी ही भारत जोड़ो यात्रा की हवा निकाल रहे हैं. कांग्रेस नेता या तो आपस में उलझकर भारत जोड़ो यात्रा का मोमेंटम गंवा रहे हैं या फिर पार्टी से बगावत कर नुकसान पहुंचा रहे हैं. कांग्रेस में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखा जाए तो जब भारत जोड़ो यात्रा का ऐलान किया गया, तब ग़ुलाम नबी आज़ाद (Ghulam Nabi Azad) कांग्रेस छोड़कर चले गए. यात्रा शुरू होने के 8वें दिन गोवा कांग्रेस में बड़ी बगावत हो गई और 11 में से उसके 8 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए. यात्रा के 19वें दिन राजस्थान कांग्रेस में ऐतिहासिक घमासान हुआ और कांग्रेस आलाकमान को भारी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी.

खबर में ख़ास
  • भारत जोड़ो यात्रा का ऐलान और गुलाम नबी आज़ाद बाहर
  • यात्रा के 8वें दिन गोवा कांग्रेस में बड़ी बगावत, 8 विधायक टूटे
  • यात्रा के 19 दिन हुए थे कि राजस्थान कांग्रेस का घमासान शुरू
  • यात्रा के अभी सवा सौ दिन बाकी, क्या-क्या देखेगी कांग्रेस
भारत जोड़ो यात्रा का ऐलान और गुलाम नबी आज़ाद बाहर

सबसे पहले आते हैं गुलाम नबी आज़ाद पर. राज्यसभा से उनकी विदाई और पीएम मोदी के भावुक होने के बाद से ही उनको लेकर कांग्रेस नेतृत्व असहज महसूस कर रहा था. उनको राज्यसभा में दूसरी पारी नहीं दी गई. उधर, पार्टी के मसलों पर गुलाम नबी आज़ाद ज्यादा मुखर रहे, जिससे भी गांधी परिवार को विकट हालात का सामना करना पड़ा था. संवाद की कमी का आरोप लगाते लगाते गुलाम नबी आज़ाद कांग्रेस से इतने दूर हो गए कि भारत जोड़ो यात्रा का ऐलान होते ही पार्टी को अलविदा कह गए. एक दिन पहले ही सोमवार को उन्होंने नई पार्टी भी बना ली है.

Also Read: कांग्रेस एक मुख्यमंत्री नहीं बदल पाती, बीजेपी ने डेढ़ साल में बदल डाले इतने CM

यात्रा के 8वें दिन गोवा कांग्रेस में बड़ी बगावत, 11 में से 8 विधायक टूटे

भारत जोड़ो यात्रा शुरू हुए 8 दिन बीते थे कि गोवा कांग्रेस में बड़ी बगावत हो गई और पार्टी में बड़ी टूट भी हो गई. दिगम्बर कामत के नेतृत्व में कांग्रेस के 11 में से 8 विधायकों ने पार्टी को गुडबाय बोल दिया. इस बड़ी टूट के बाद गोवा में कांग्रेस के अस्तित्व पर सवाल उठने लगे हैं. ऐसा नहीं है कि गोवा कांग्रेस में बड़ी टूट अचानक हुई. गोवा में चुनाव के बाद से ही इसकी चिंगारी भड़क रही थी. कांग्रेस के प्रभारी और पर्यवेक्षकों को गोवा भेजा भी गया था, लेकिन जैसा कि हमेशा होता आया है, कोई फायदा नहीं हुआ और अंततः कांग्रेस वहां बिखर गई.

यात्रा के 19 दिन हुए थे कि राजस्थान कांग्रेस का घमासान शुरू

26 सितम्बर को भारत जोड़ो यात्रा का 19वां दिन था और उस दिन तो 21वीं सदी के कांग्रेस के साथ जो हुआ, वो शायद ही कांग्रेस नेतृत्व कभी भुला पाए. राजस्थान के CM अशोक गहलोत को गांधी परिवार ने पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए राजी किया था. पहले तो अशोक गहलोत CM पद से इस्तीफ़ा देने को राजी नहीं हुए लेकिन राहुल गांधी से मुलाक़ात के बाद वे राजी हो गए. इसके बाद नए CM बनाने के लिए आलाकमान ने विधायकों का मूड जानने के लिए पर्यवेक्षकों को जयपुर भेजा.

Also Read: Rajasthan Congress Crisis: भावी अध्यक्ष ही पार्टी तोड़ने पर आमादा हो जाए तो कांग्रेस का क्या होगा?

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जयपुर में पर्यवेक्षकों ने बैठक बुलाई लेकिन अशोक गहलोत कैंप के विधायकों ने अलग बैठक बुलाकर एक तरह से आलाकमान को अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की. 82 विधायकों ने तो इस्तीफे भी दे दिए. पर्यवेक्षकों से मिलने कोई विधायक नहीं पहुंचा तो उन्हें मजबूरी में दिल्ली लौटना पड़ा. दिल्ली लौटकर दोनों पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन ने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंप दी है.

यात्रा के अभी सवा सौ दिन बाकी, क्या-क्या देखेगी कांग्रेस

भारत जोड़ो यात्रा अभी अपने शुरुआती लेवल पर है. 150 दिन की यात्रा में अभी सवा सौ दिन बाकी हैं. देखना यह होगा कि इस यात्रा के मध्य में अभी कांग्रेस नेता क्या-क्या गुल खिलाते हैं और क्या-क्या रंग दिखाते हैं. एक राज्य छत्तीसगढ़ बचा हुआ है और वहां भी भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव के बीच अदावत किसी से छिपी नहीं है.

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