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भारतीय नौसेना को सौंपा गया पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर ‘विक्रांत’, जानें ताकत और खासियत

INS Vikrant
INS Vikrant

नई दिल्लीः भारत हर खेमे में अपनी ताकत बढ़ा रहा है. थल सेना हो, वायु सेना हो या नौ सेना भारत तेजी से मजबूत होता जा रहा है जिससे देश के पडोसी मुल्कों को काफी दिक्कत हो रही है. आपको बता दें कि भारत की नौ सेना की स्वदेश में बना विमानवाहक पोत ‘विक्रांत’ सौंप दिया गया है. कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) द्वारा विमानवाहक पोत विक्रांत (Aircraft Carrier Vikrant) इंडियन नेवी को सौंप दिए जाने के बाद अब ये देश की सुरक्षा में तैनात कर दिया जायेगा। विमानवाहक पोत नौसेना (Indian Navy) के इन-हाउस डायरेक्टरेट ऑफ नेवल डिजाइन (DND) द्वारा डिजाइन किया गया है और इसे 15 अगस्त तक नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने की उम्मीद है.

खबर में खास

  • लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर
  • INS विक्रांत के एक तरह से पुनर्जन्म
लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर

INS विक्रांत की डिलीवरी ने भारत को उस सूची में शामिल कर दिया है जिन देशों के पास स्वदेश में बना एयरक्राफ्ट कैरियर (Aircraft Carrier) डिजाइन और निर्माण किया गया हो. विमानवाहक पोत विक्रांत करीब 45,000 टन का है जो करीब 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. 1971 के जंग में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय नौसेना जहाज (INS) विक्रांत के नाम पर इस पोत का भी नाम रखा गया है. इस पोत की लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर है. 30 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर इस पोत पर ले जाए जा सकते हैं.

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INS विक्रांत के एक तरह से पुनर्जन्म

88 मेगावाट बिजली की कुल चार गैस टर्बाइन्स से इस पोत को चलाया जाएगा। खास बात ये है कि इस पोत में 76 फीसदी सामग्री स्वदेशी है. इसे बनाने का काम साल 2009 में शुरू किया गया था और पहली बात इसकी झलक साल 2013 में देखी गई थी. आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर देश आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है और इससे अच्छा कोई मौका नहीं हो सकता INS विक्रांत के एक तरह से पुनर्जन्म के.

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