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Exclusive: ना नकवी ना आरिफ मोहम्मद, ये हो सकते हैं NDA के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

अगस्त में नए उपराष्ट्रपति भी मिल जाएंगे. चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में प्रत्याशी को लेकर भारी मंथन जारी है. जल्द ही दोनों खेमो की ओर से अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे. उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 19 जुलाई है. इसलिए बीजेपी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों को लेकर मीडिया में कयासों का बाजार काफी गरम है.

Vice President Election
कौन बनेगा उपराष्ट्रपति?

देश में उपराष्ट्रपति चुनाव (Vice President Election 2022) का बिगुल बज चुका है. राष्ट्रपति चुनाव के ठीक बाद उपराष्ट्रपति का चुनाव होना है. अगस्त में नए उपराष्ट्रपति भी मिल जाएंगे. चुनाव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में प्रत्याशी को लेकर भारी मंथन जारी है. जल्द ही दोनों खेमो की ओर से अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए जाएंगे. उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 19 जुलाई है. इसलिए बीजेपी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों को लेकर मीडिया में कयासों का बाजार काफी गरम है.

इस खबर में ये है खास

  • NDA के पक्ष में हैं बहुमत
  • बीजेपी से निकलते हैं उपराष्ट्रपति
  • मीडिया में कई नाम रेस में हैं
  • लीग से हटकर काम करते हैं मोदी-शाह
  • ये नेता हो सकते हैं नया उपराष्ट्रपति
  • नकवी को भी मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी!

NDA के पक्ष में हैं बहुमत

अधिसूचना के मुताबिक 6 अगस्त को मतदान होना है. भारतीय जनता पार्टी सहित एनडीए गठबंधन उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर पहले भी और अब भी बहुत सकारात्मक और संजीदा दिख रहा है. इस पर विपक्ष की भी पैनी नजर है लेकिन उसका राष्ट्रपति चुनाव की तरह कोई बहुत मतलब नहीं है क्योंकि गणितीय आंकड़ा एनडीए की के पक्ष में है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की मंशा बहुत साफ थी कि प्रत्याशी कौन और कैसा होगा? क्योंकि वोटिंग प्रतिशत एनडीए के पक्ष में था. लेकिन उपराष्ट्रपति के चुनाव में एनडीए कुछ अलग तरह की भूमिका में पहले भी रहा है और इस बार भी रहेगा.

ये भी पढ़ें- Vice President Election: उपराष्ट्रपति चुनाव में BJP को क्यों नहीं किसी के समर्थन की दरकार, जानिए नंबरों का पूरा गेम

बीजेपी से निकलते हैं उपराष्ट्रपति

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बीजेपी की सरकार में अभी तक जितने भी उपराष्ट्रपति बने हैं, सभी पार्टी कैडर से रहे हैं. अटल बिहारी वाजपेयी के समय में बीजेपी ने भैरों सिंह शेखावत को उपराष्ट्रपति बनाया था. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहले कार्यकाल में वर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को बनाया गया. उम्मीद की जा रही है कि अगला नाम भी कुछ इसी तरह का होगा जो सुचारू तरीके से और पूरे अनुशासन के साथ हाउस को चलाएगा. ​मीडिया की अटकलों पर अगर ध्यान दिया जाए तो इस दृष्टि से कई नाम चर्चा में आए.

मीडिया में कई नाम रेस में हैं

एक बार चर्चा यह हुई कि हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी इस बार माइनार्टी के किसी व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनाए. जिसमें प्रमुखता से दो नाम उभरकर सामने आए. पहला नाम बीजेपी के पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी का और दूसरा नाम केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का. उसके बाद दूसरी अटकलें यह थी कि हो सकता है कि पार्टी इस बार उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार पंजाब से दे. जिसमें पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत एसएस अहलूवालिया का नाम चर्चा में आया. लेकिन इसकी उम्मीद बहुत कम है कि बीजेपी इनमें से किसी भी नाम के साथ जाएगी. उसके कई वैचारिक, रणनीतिक और राजनीतिक कारण भी है.

लीग से हटकर काम करते हैं मोदी-शाह

आज की भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मीडिया की अटकलों से बहुत दूर है. पहले राजनीतिक गलियारे की चर्चा बड़ी आसानी से मीडिया की अटकलों में आ जाती थी या मीडिया की अटकलों से राजनीतिक गलियारे अपने निर्णय लिया करते थे. पिछले 8 वर्षों में इस तरह के कयास नाकाफी और गलत साबित हुए हैं. वैसे कुछ आंतरिक सूत्रों की माने तो बीजेपी इस बार कॉउ बेल्ट से उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार दे सकती है. कारण यह है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों गुजरात से हैं. उड़ीसा बंगाल और कुछ-कुछ दक्षिण का प्रतिनिधित्व राष्ट्रपति की वर्तमान उम्मीदवार में समाहित है.

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ये नेता हो सकते हैं नया उपराष्ट्रपति

वर्तमान उपराष्ट्रपति खुद दक्षिण से हैं. ऐसे में बीजेपी अपनाकट्टर समर्थक कॉउ बेल्ट को पूरी तरह खाली नहीं छोड़ सकती, क्योंकि पिछली बार जब राष्ट्रपति का चुनाव हुआ तो इस बात का ध्यान रखा गया और उसी के तहत वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी को उम्मीदवार बनाया गया. लेकिन इस बार राष्ट्रपति का क्षेत्र बदला है तो उपराष्ट्रपति इस क्षेत्र से कोई न कोई हिंदी भाषी व्यक्ति बन सकता है. इसमें जो एक नाम बहुत तेजी उभर कर आया है वह कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का है.

नकवी को भी मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी!

सुनने में यह आ रहा है कि कश्मीर में उपराज्यपाल बनाकर मुख्तार अब्बास नकवी को और उपराष्ट्रपति का प्रत्याशी मनोज सिन्हा को बनाए जाने की संभावना बन रही है. लेकिन अंतिम मुहर किस नाम पर और कैसे लगेगी यह किसी को नहीं पता. यह सिर्फ और सिर्फ बीजेपी नेतृत्व को पता है और वही तय करेगा कि भारत का उपराष्ट्रपति कौन होगा. हालांकि बीजेपी की कार्यशैली को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि पार्टी कोई भी काम राजनितिक संभावनाओं के बिना नहीं करती. इसलिए इस बात का पूरा भरोसा है कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन जहां भी प्रबल राजनीतिक संभावनाएं देखेगा वहीं से उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार तय होगा.

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