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IAS शाह फैसल की नौकरशाही में वापसी, संस्कृति मंत्रालय में उप सचिव के पद पर तैनाती

आतंकवादियों ने उत्तरी कश्मीर के सुदूरवर्ती गांव लोलाब के रहने वाले फैसल के पिता की 2002 में हत्या कर दी थी. फैसल ने 2009 में यूपीएससी परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था.

IAS शाह फैसल की नौकरशाही में वापसी

नई दिल्ली. आईएएस अधिकारी शाह फैसल (IAS Shah Faesal) की नौकरशाही में वापसी हो गई है. सेवा में बहाल किये जाने के लगभग तीन महीने बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय में उप सचिव के रूप में तैनात किया गया है. तत्कालीन जम्मू-कश्मीर कैडर के 2010 बैच के आईएएस (IAS) अधिकारी की नियुक्ति के आदेश को इस सप्ताह के शुरू में मंजूरी दे दी गई थी. सरकार द्वारा उनका इस्तीफा वापस लिये जाने संबंधी आवेदन को स्वीकार करने के बाद उन्हें अप्रैल के अंतिम सप्ताह में बहाल कर दिया गया था. कॉल या संदेशों के माध्यम से टिप्पणी के लिए फैसल से संपर्क नहीं हो सका है.

इस खबर में ये है खास-

  • फैसल सिविल सेवा परीक्षा में रहे टॉपर
  • इस्तीफे के बाद बनाई थी JKPM पार्टी
  • कुछ समय बाद राजनीति छोड़ने का फैसला
  • फैसल के पिता की आतंकियों ने की थी हत्या

फैसल सिविल सेवा परीक्षा में रहे टॉपर

फैसल ने भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) से पहला स्थान प्राप्त किया था. उन्होंने इस साल की शुरुआत में सरकारी सेवा में अपनी वापसी के बारे में संकेत दिए थे. उन्होंने कई ट्वीट करके 2019 में अपने आदर्शवाद से मिली निराशा की बात की थी, जब उन्होंने राजनीति में शामिल होने के लिए सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था, “मेरे जीवन के आठ महीनों (जनवरी 2019-अगस्त 2019) ने मुझ पर इतना दबाव डाला कि मैं लगभग खत्म हो गया था.

इस्तीफे के बाद बनाई थी JKPM पार्टी

उन्होंने ट्वीट किया था, “लेकिन मुझे अपने आप पर विश्वास था कि मैंने जो गलतियां की, उन्हें मैं सुधार दूंगा. जिंदगी मुझे एक और मौका देगी. मेरा एक हिस्सा उन आठ महीनों की स्मृतियों से थक गया है और मैं इन्हें मिटाना चाहता है. इसमें से बहुत कुछ है जो पहले ही चला गया.’’ फैसल ने जनवरी 2019 में अपना इस्तीफा सौंप दिया था और जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (JKPM) पार्टी बनाई थी. फैसल को तत्कालीन राज्य जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने के तुरंत बाद कड़े सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था.

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कुछ समय बाद राजनीति छोड़ने का फैसला

हालांकि, अपनी रिहाई के बाद, फैसल ने राजनीति छोड़ दी और संकेत दिया कि वह सरकारी सेवा में फिर से शामिल होने के इच्छुक हैं. उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था. डॉक्टर से नौकरशाह बने फैसल ने जम्मू-कश्मीर में “लोकतांत्रिक राजनीति को पुनर्जीवित” करने के लिए अपनी पार्टी बनाई, लेकिन उनका राजनीतिक करियर अचानक समाप्त हो गया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस्तीफा वापस लेने के उनके आवेदन के बारे में जम्मू-कश्मीर प्रशासन से राय मांगी थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के लिए कैडर नियंत्रण प्राधिकरण है.

फैसल के पिता की आतंकियों ने की थी हत्या

आतंकवादियों ने उत्तरी कश्मीर के सुदूरवर्ती गांव लोलाब के रहने वाले फैसल के पिता की 2002 में हत्या कर दी थी. फैसल ने 2009 में यूपीएससी परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था. फैसल को 14-15 अगस्त, 2019 की मध्यरात्रि दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था और वापस श्रीनगर भेज दिया गया, जहां उन्हें हिरासत में रखा गया था. उन पर फरवरी 2020 में लोक सुरक्षा अधिनियम लगाया गया था, जिसे चार महीने बाद रद्द कर दिया गया था.

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