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सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी की CEO ऋतु माहेश्वरी को दी राहत, जानें पूरा मामला

Noida Development Authority CEO Ritu Maheshwari
Noida Development Authority CEO Ritu Maheshwari

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े अवमानना के एक मामले में नोएडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ऋतु माहेश्वरी (Ritu Maheshwari) के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट (High Court) के फैसले पर अगले आदेश तक शुक्रवार को अंतरिम रोक लगा दी. प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने सीईओ की याचिका पर नोएडा के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट समेत 12 लोगों को नोटिस भेजे और उनके जवाब मांगे.

खबर में खास
  • हाई कोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई
  • सीजेआई ने कहा, ये उचित तरीका नहीं
  • मामले को फिर से सूचीबद्ध किया जाए
  • यह एक गंभीर मामला है
  • क्या है मामला, जानिए
हाई कोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई

पीठ ने कहा, नोटिस जारी किया जाता है. पूर्व के आदेश में एनबीडब्ल्यू पर लगायी रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी. मामले को सुनवाई के लिए जुलाई में सूचीबद्ध करें. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आईएएस अधिकारी के हाई कोर्ट (High Court) में पेश होने में देरी के आधार पर हाई कोर्ट (High Court) द्वारा एनबीडब्ल्यू जारी करने को लेकर नाराजगी जतायी थी.

सीजेआई ने कहा, ये उचित तरीका नहीं

पीठ ने यह भी कहा कि यह चलन हो गया है जब प्राधिकारी मुआवजे का भुगतान किए बिना जमीन का अधिग्रहण कर लेते हैं. न्यायमूर्ति एस ए नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की एक अन्य पीठ ने 11 मई को राहत प्रदान की थी. मामले की सुनवाई 13 मई तक के लिए स्थगित कर दी थी, क्योंकि न्यायमूर्ति मुरारी सुनवाई से अलग हो गए थे.

मामले को फिर से सूचीबद्ध किया जाए

न्यायमूर्ति नजीर ने कहा था, चूंकि मामला अत्यावश्यक है, इसलिए प्रधान न्यायाधीश से उचित निर्देश लेने के बाद शुक्रवार को मामले को फिर से सूचीबद्ध किया जाए. इस बीच, अंतरिम आदेश जारी रहेगा. हाई कोर्ट (High Court) के आदेश के खिलाफ भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी ऋतु माहेश्वरी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी पेश हुए.

यह एक गंभीर मामला है

मुकुल रोहतगी ने कहा था, यह एक गंभीर मामला है, जिसमें इलाहाबाद हाई कोर्ट (High Court) के समक्ष एक महिला पेश हुई, उसका वकील मौजूद था और उसने सुनवाई बाद में करने का अनुरोध किया. हाई कोर्ट (High Court) ने महिला को हिरासत में पेश करने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कहा था कि यह एक नियमित मामला बन गया है कि उत्तर प्रदेश के अधिकारी इलाहाबाद हाई कोर्ट (High Court) के आदेशों के खिलाफ उसके पास आ रहे हैं और वे अदालत के आदेशों का सम्मान नहीं करते.

क्या है मामला, जानिए

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी माहेश्वरी (Senior IAS Officer Maheshwari) ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित अवमानना ​​के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट (High Court) द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया है. अधिकारी के समय पर पेश नहीं होने के कारण हाई कोर्ट (High Court) का यह आदेश आया था.

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