Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

राज्य

यूपीः दलित-OBC या ब्राह्मण, स्वतंत्रदेव के बाद BJP किस पर लगाएगी दांव? चर्चा में ये नाम

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने आखिरकार प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफा देते हुए नए अध्यक्ष की खोज तेज हो गई है. चर्चा तेज हो गई है कि अब यूपी में BJP का नया अध्यक्ष (UP BJP President) कौन बनेगा? प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में तमाम नेताओं के नाम आगे चल रहे हैं.

CM Yogi-JP Nadda
स्वतंत्रदेव के बाद बीजेपी किस पर लगाएगी दांव? (File Photo: ANI)

यूपी में बीजेपी (UP BJP) जल्द ही संगठन में बड़े बदलाव करने वाली है. यूपी की सत्ता में लगातार दूसरी बार पार्टी को प्रचंड बहुमत मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को भी तोहफे में योगी मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. जिसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पद से उनका इस्तीफा देना तय हो गया था. योगी सरकार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह (Swatantra Dev Singh) ने आखिरकार प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफा देते हुए नए अध्यक्ष की खोज तेज हो गई है. चर्चा तेज हो गई है कि अब यूपी में BJP का नया अध्यक्ष (UP BJP President) कौन बनेगा? प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में तमाम नेताओं के नाम आगे चल रहे हैं.

इस खबर में ये है खास

  • नया चेहरा सबको चौंका सकता है
  • लोकसभा में ब्राह्मण, विस में OBC फार्मुला
  • पश्चिमी यूपी का दावा ज्यादा मजबूत
  • इन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा
  • ब्राह्मण चेहरों में इनका नाम आगे
  • ओबीसी-अतिपिछड़ा वर्ग से कौन?
  • जाट समुदाय पर भी होगी नजर

नया चेहरा सबको चौंका सकता है

हर बार की तरह इस बार भी बीजेपी में कोई नया चेहरा सामने आकर सबको चौंका सकता है. साल 2016 में लक्ष्मीकांत वाजपेयी को हटाकर पार्टी ने केशव प्रसाद मौर्य को कमान सौंप पर सबको चौंका दिया था. 2017 विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत के बाद केशव को डिप्टी सीएम की कुर्सी उपहार में मिली थी. इसी तरह से 2019 में डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय को हटाकर ओबीसी नेता स्वतंत्रदेव सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई. 2022 में फिर से कमल खिलने पर उन्हें योगी सरकार में जलशक्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली.

लोकसभा में ब्राह्मण, विस में OBC फार्मुला

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण नेता महेंद्र नाथ पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर लोकसभा चुनाव में विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया. परिणाम स्वरूप महेंद्रनाथ पांडेय को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली. उसके बाद ओबीसी वर्ग से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया. सत्ता में वापसी के बाद स्वतंत्र देव सिंह को योगी कैबिनेट में फिर से मंत्री बना दिया गया है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

पश्चिमी यूपी का दावा ज्यादा मजबूत

मुख्यमंत्री योगी और उप-मुख्यमंत्री केशव मौर्य पूर्वी यूपी के इलाके से हैं. प्रधानमंत्री मोदी खुद भी पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हैं. मोदी-योगी कैबिनेट में भी पूर्वांचल और अवध का प्रतिनिधित्व ज्यादा है. इसको देखते हुए पश्चिमी यूपी का दावा ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है. पश्चिमी यूपी से अलीगढ़ से सांसद सतीश गौतम, कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक के नामों के साथ साथ पूर्व मंत्री और मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा का नाम चर्चा में है.

2024 में कई नेताओं का ‘आडवाणीकरण’ करेंगे PM मोदी? मार्गदर्शक मंडल में जाएंगे तमाम दिग्गज

इन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा

  • दिनेश शर्मा- प्रदेश अध्यक्ष के लिए योगी की पहली कैबिनेट में डिप्टी सीएम रहे डॉ. दिनेश शर्मा के नाम की चर्चा सबसे आगे है. कहा जा रहा है कि इस बार चुनाव हारने के बाद भी केशव प्रसाद मौर्य को डिप्टी सीएम बना दिया गया. ऐसे में ये तय है कि डॉ. दिनेश शर्मा भी बड़ी भूमिका में होंगे.
  • श्रीकांत शर्मा- योगी की पहली कैबिनेट में उर्जा मंत्री रहे श्रीकांत शर्मा को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. माना जा रहा है कि श्रीकांत शर्मा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. श्रीकांत ब्राह्मण वर्ग से आते हैं और युवा चेहरा हैं. उर्जा मंत्रालय संभालते हुए उन्होंने काफी अच्छा काम भी किया.
  • विनोद सोनकर- बीजेपी के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष और कौशांबी से सांसद विनोद सोनकर का नाम भी नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए चल रहा है. विनोद सोनकर राष्ट्रीय मंत्री भी हैं.
  • प्रो. राम शंकर कठेरिया- समाजवादी पार्टी के गढ़ इटावा से बीजेपी के दलित सांसद प्रो. राम शंकर कठेरिया को यूपी की कमान मिल सकती है. प्रो. राम शंकर दलितों के बड़े नेता हैं.
  • विद्यासागर सोनकर- संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले विद्या सागर सोनकर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. विद्यासागर सोनकर इस समय विधान परिषद के सदस्य भी हैं और बीजेपी में महामंत्री का भी दायित्व संभाल चुके हैं. वे दलित बिरादरी के बड़े नेता हैं.

ब्राह्मण चेहरों में इनका नाम आगे

2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान केशरीनाथ त्रिपाठी, 2009 चुनाव में रमापति राम त्रिपाठी, 2014 में लक्ष्मीकांत वाजपेयी और 2019 में महेंद्र नाथ पांडेय प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं. इसी के चलते ब्राह्मण समुदाय के अध्यक्ष बनने की ज्यादा संभावना दिख रही है. ब्राह्मण चेहरों के रूप में पूर्व उर्जा मंत्री और मथुरा विधायक श्रीकांत शर्मा का नाम सबसे आगे चल रहा है. पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का नाम भी नाम रेस में हैं. सांसद सुब्रत पाठक के नाम पर भी चर्चा हो रही है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

ओबीसी-अतिपिछड़ा वर्ग से कौन?

बीजेपी का पूरा फोकस 2024 के लोकसभा चुनाव पर है. बीते कुछ चुनावों में ओबीसी और अतिपिछड़ा वर्ग पर बीजेपी की अच्छी पकड़ बन चुकी है. स्वतंत्र देव सिंह भी ओबीसी समुदाय से आते थे. जिसके चलते उनके उत्तराधिकारी के तौर पर किसी ओबीसी समुदाय से ही किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चा है. ओबीसी समुदाय से केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को एक बार फिर से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है.

जाट समुदाय पर भी होगी नजर

पश्चिमी यूपी में सपा और रालोद का गठबंधन हो गया है. विधानसभा चुनावों में बीजेपी को अखिलेश और जयंत की जोड़ी का तोड़ निकालने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकनी पड़ी थी. मोदी-योगी के साथ-साथ अमित शाह और जेपी नड्डा ने भी इस क्षेत्र में काफी पसीना बहाया था. किसान नेता राकेश टिकैत ने बीजेपी की दिक्कत बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. हालांकि केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने आखिरी समय पर रूठे हुए जाटों को मनाने में कामयाबी हासिल की. अब उम्मीद है कि प्रदेश अध्यक्ष जाट समुदाय से मिले. जाट नेताओं में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, MLC भूपेंद्र सिंह चौधरी और सांसद सत्यपाल सिंह का नाम आगे चल रहा है.

Advertisement. Scroll to continue reading.

You May Also Like

क्रिकेट

दुनिया भर में टी 20 क्रिकेट लीग का क्रेज बढ़ता जा रहा है. IPL की बड़ी सफलता के बाद क्रिकेट खेलने वाले प्रत्येक देश...

क्रिकेट

ZIM vs BAN: जिंबाब्वे ने तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मैच में बांग्लादेश को 5 विकेट से हरा दिया है. जीत के...

स्पोर्ट्स

CWG 2022: भारतीय महिला हॉकी टीम (Indian women hockey team) ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में अपना सफर ब्रांज मेडल के साथ समाप्त किया है....

क्रिकेट

IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ 5 वें और आखिरी टी 20 मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रेयस...

Advertisement