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ईलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने का कारण, क्या है इसके बचाव का तरीका

अभी तक इन बैटरियों में आग लगने के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है. हालांकि जानकारों के अनुसार इन बैटरियों में आग लगने के पीछे की वजह शार्ट सर्किट माना जाता है. साथ वाहन को चार्जिंग के दौरान लापरवाही भी आग लगने की एक वजह हो सकती है.

fire in electric vehicles
ईलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने का कारण, क्या है इसके बचाव का तरीका

नई दिल्ली. एक तरफ देश में डीजली पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं. डीजल पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों के सामने ईलेक्ट्रिक वाहन एक ऑप्शन के तौर पर जरूर हैं. लेकिन पिछले एक महीने से ईलेक्ट्रिक 2 पहिया वाहनों में आग लगने की घटना काफी सामने दिखाई दे रही है. इनमें ओला, ओकिनावा और प्योर ईवी जैसी कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं. इन घटनाओं में सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. इसको लेकर केंद्र सरकार भी एक्शन में आ गया है. सरकार ने नए ईलेक्ट्रिक 2 पहिया वाहनों के लॉन्च पर रोक लगा दिया है.

इस खबर में ये है खास-

  • वाहन में कौन सी बैटरी लगती
  • लीथियम आयन बैटरी की खासियत
  • बैटरी में आग लगने का कारण
  • आग लगने से कैसे करें बचाव

वाहन में कौन सी बैटरी लगती

आपको बता कि ईलेक्ट्रिक वाहन में लीथियम-आयन की बैटरी का इस्तेमाल होता है. इस बैटरी का ईस्तेमाल लैपटॉप, मोबाइल और स्मार्टवाच के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह बैटरी बहुत ही हल्की और इफेक्टिव होती है. हालांकि इसमें रिस्क भी ज्यादा रहता है. लीथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल लोगों के लिए इस्तेमाल होने वाले लाखों उपकरण के लिए होता है. एक लीथियम-आयन बैटरी में एनोड, कैथोड, सेपरेटर, इलेक्ट्रोलाइट और दो करंट कलेक्टर होते हैं.

लीथियम आयन बैटरी की खासियत

लीथियम आयन बैटरी की सबसे बड़ी खासियत है कि यह बहुत ही हल्की होती है. साथ ही यह अन्य बैटरियों की अपेक्षा में यह बैटरी अधिक ऊर्जा को स्टोर करने में सक्षम है. लीथियम आयन बैटरी में 150 वॉट-आवर प्रति किलो ऊर्जा स्टोर कर सकती है, वही दूसरी ओर एसिड लेड वाली बैटरी में सिर्फ 25 वॉट-आवर प्रति किलो ऊर्जा ही स्टोर हो सकती है.

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बैटरी में आग लगने का कारण

अभी तक इन बैटरियों में आग लगने के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है. हालांकि जानकारों के अनुसार इन बैटरियों में आग लगने के पीछे की वजह शार्ट सर्किट माना जाता है. साथ वाहन को चार्जिंग के दौरान लापरवाही भी आग लगने की एक वजह हो सकती है. मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट, बाहर से हुआ कोई डैमेज, बैटरी लगाने में फॉल्ट आदि के चलते भी आग लगने का रिस्क रहता है. यह बैटरी आमतौर पर अधिक तापमान झेलने में सक्षम है. पर बहुत 100 डिग्री से ज्यादा तापमान होने पर आग लगने की संभावना अधिक हो जाती है.

आग लगने से कैसे करें बचाव

वाहन में आग लगने से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि बैटरी के मैन्यूफैक्चरिंग डिफेक्ट पर ध्यान रखा जाना चाहिए. साथ सबसे जरूरी बात है कि गाड़ी को बहुत ज्यादा गर्म होने की स्थिति में न पहुंचने दें. खासकर गर्मी के दिनों में गाड़ी को धूप में न खड़ी करें. गाड़ी के एक्सिडेंट की स्थिति में बैटरी को भी नुकसान हो सकता है. ऐसे में बैटरी की खास देखभाल करें.

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