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‘गरीब देश से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था तक’, UN में जयशंकर ने बताई भारत के विकास की कहानी

S JAISHANKAR
S JAISHANKAR-ANI

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले 75 वर्षों में भारत के आर्थिक विकास की सराहना की. एस जयशंकर ने बताया कि उपनिवेशवाद ने भारत को सबसे गरीब देशों में से एक बना दिया था, लेकिन आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. एस जयशंकर ने कहा कि 18वीं शताब्दी में भारत का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक चौथाई हिस्सा था. 20वीं सदी के मध्य तक उपनिवेशवाद ने सुनिश्चित कर दिया कि हम सबसे गरीब देशों में से एक हैं, लेकिन आजादी के 75वें वर्ष में भारत गर्व से आपके सामने दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में खड़ा है.

खबर में खास

  • भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
  • संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी साझेदारी के 75 साल भी मना रहे
  • भारत ने अफगानिस्तान में लोगों को खाद्यान्न की आपूर्ति भी की

भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

जयशंकर ने कहा कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2047 तक खुद को एक विकसित देश के रूप में देखता है. जयशंकर भारत की विकास यात्रा और दक्षिण-दक्षिण सहयोग में इसके योगदान का जिक्र किया. उन्होंने भारत में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की प्रगति की बात की और कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि कोई भी पीछे न रहे.

विदेश मंत्री ने कहा “हाल के दिनों में डिजिटल तकनीक ने हमारे खाद्य सुरक्षा जाल को 80 करोड़ भारतीयों तक सफलतापूर्वक पहुंचाया है. 300 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक के लाभ डिजिटल रूप से वितरित किए गए हैं, 400 मिलियन लोगों को नियमित रूप से भोजन मिलता है.” उन्होंने कहा, “भारत आज अपनी आजादी के 100 साल पूरे होने पर 2047 तक खुद को एक विकसित देश के रूप में देखता है. हम अपने सबसे दूरदराज के गांवों को डिजिटाइज करने और चांद पर उतरने का सपना देखते हैं.”

संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी साझेदारी के 75 साल भी मना रहे

भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का मूल विश्वास यह है कि उसका अपना विकास बाकी दुनिया से अविभाज्य है. उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि संयुक्त राष्ट्र के साथ हमारे इंटरफेस से हमारी प्रगति वृद्धि को भी फायदा हुआ है. भारत संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक सदस्य था और जब हम आजादी के 75 साल पूरे कर रहे हैं, हम संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी साझेदारी के 75 साल भी मना रहे हैं.

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भारत ने अफगानिस्तान में लोगों को खाद्यान्न की आपूर्ति भी की

संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर जयशंकर ने कहा, “हमने इस प्रयास में पिछले कुछ वर्षों में सवा लाख से अधिक कर्मियों का योगदान दिया है, जो किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक है.” उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे के गठबंधन सहित भारत की पहल का उल्लेख किया. जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष ने खाद्य और ऊर्जा मुद्रास्फीति को बढ़ा दिया है और इसे हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बना दिया है. उन्होंने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान में लोगों को खाद्यान्न की आपूर्ति भी की है.

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से दुनिया कैसे प्रभावित हुई, इस पर ध्यान देते हुए भारत ने दो अरब से अधिक टीकाकरण किए हैं. जयशंकर ने कहा, “कोविड महामारी के दौरान हमने अफ्रीका, कैरिबियन, लैटिन अमेरिका के साथ कई को देशों को टीका दी.” उन्होंने कहा, “भारत एक उज्जवल भविष्य के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. हमें संयुक्त राष्ट्र में पूर्ण विश्वास है और बहुपक्षवाद में सुधार है. दुनिया एक परिवार है.”

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