Connect with us

Hi, what are you looking for?

[t4b-ticker]

विदेश

Russia-Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के गढ़ों की घेराबंदी, सिविएरोदोनेत्सक में मारे गए 1,500 लोग

(PIT)

कीव: रूसी सेना ने शुक्रवार को यूक्रेन के अलगाववादी-नियंत्रित पूर्वी प्रांत में उसके कुछ अंतिम गढ़ों पर भारी गोलाबारी की. इस गोलाबारी के दायरे में एक शहर भी शामिल था और अधिकारियों का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से वहां 1,500 लोग मारे गए हैं और 60 प्रतिशत आवासीय भवन नष्ट हो गए हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि विदेशी हथियारों की नई खेप के बिना, यूक्रेनी सेना रूस को सिविएरोदोनेत्सक और पास के लिस्चांस्क पर कब्जा करने से नहीं रोक पाएगी. ये इलाके यूक्रेन के समूचे औद्योगिक क्षेत्र डोनबास पर कब्जा करने के रूसी लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं.

खबर में खास

  • रूसी रिहायशी इलाकों में लगातार हमले कर रहे
  • सिविएरोदोनेत्सक में कम से कम 1,500 लोग मारे गए
  • पश्चिमी देशों से भारी हथियार देने की गुहार
  • फिक्र करते हैं, तो हमें हथियार मुहैया कराइए

रूसी रिहायशी इलाकों में लगातार हमले कर रहे

इस क्षेत्र को बनाने वाले दो प्रांतों में से एक लुहान्स्क में यूक्रेनी नियंत्रण के तहत आने वाले ये शहर अंतिम क्षेत्र हैं. रूसी सेना ने धीमी लेकिन लगातार प्रगति की है क्योंकि उन्होंने बमबारी की और लिस्चांस्क और सिविएरोदोनेत्सक दोनों को घेरने की कोशिश की. क्षेत्रीय गवर्नर सेरही हैदाई ने शुक्रवार को एक टेलीग्राम पोस्ट में लिखा, रूसी रिहायशी इलाकों में लगातार हमले कर रहे हैं उन्होंने कहा, सिविएरोदोनेत्सक के निवासी भूल गए हैं कि आखिरी बार शहर में कम से कम आधे घंटे के लिए कब सन्नाटा था. उन्होंने कहा कि रूसी गोलाबारी में बीते 24 घंटों में चार लोगों की मौत हो गई है.

सिविएरोदोनेत्सक में कम से कम 1,500 लोग मारे गए

मेयर ऑलेक्ज़ेंडर स्ट्रूक ने बृहस्पतिवार देर रात कहा कि रूस द्वारा 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से सिविएरोदोनेत्सक में कम से कम 1,500 लोग मारे गए हैं. उन्होंने कहा कि लगभग 12,000 से 13,000 लोग अब भी शहर में हैं, जबकि युद्ध से पहले यहां की आबादी एक लाख के करीब थी. उन्होंने बताया कि हमलों में शहर के 60 प्रतिशत आवासीय भवन नष्ट हो गए हैं.

Advertisement. Scroll to continue reading.

पश्चिमी देशों से भारी हथियार देने की गुहार

डोनबास क्षेत्र के दूसरे प्रांस डोनेत्सक में रूस समर्थित अलवागवादियों ने रेलवे के प्रमुख केंद्र लाइमन पर नियंत्रण का दावा किया. यह यूक्रेन के नियंत्रण वाले दो प्रमुख शहरों के उत्तर में है. यूक्रेनी अधिकारियों की तरफ से हालांकि इसे लेकर अभी कोई पुष्टि नहीं आई है. इस बीच यूक्रेन के विदेश मंत्री ने रूसी बलों को पीछे हटाने के लिये पश्चिमी देशों से भारी हथियार देने की गुहार लगाई है.

फिक्र करते हैं, तो हमें हथियार मुहैया कराइए

विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने बृहस्पतिवार रात एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, हमें भारी हथियार चाहिये. रूस केवल भारी हथियारों के मामले में हमसे बेहतर है. तोपों और रॉकेट लांचर प्रणालियों के बिना हम उन्हें पीछे नहीं हटा पाएंगे. कुलेबा ने कहा कि देश के पूर्वी हिस्से में हालात गंभीर हैं, जहां रूसी बलों के हमले बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि लोग जितना बता रहे हैं, हालात उससे भी अधिक बदतर हैं. हमें हथियार चाहिये. यदि आप सचमुच यूक्रेन की फिक्र करते हैं, तो हमें हथियार मुहैया कराइए.

सोर्स: BHASHA

Advertisement. Scroll to continue reading.

You May Also Like

राज्य

नई दिल्ली. राजस्थान में सियासी संकट (Rajasthan Congress Crisis) ने कांग्रेस के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है. राजस्थान कांग्रेस के संकट ने...

टेक-ऑटो

नई दिल्ली : OnePlus कंपनी जल्द भारतीय मार्केट में अपना नया बजट सेगमेंट स्मार्टवॉच लॉन्च करने वाली है. कंपनी इस स्मार्टवॉच को अपनी बहुप्रतिष्ठित...

देश

भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के माध्यम से राहुल गांधी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. दक्षिण भारत...

विदेश

नई दिल्लीः PM Modi आज जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे हैं. बता दें कि बुडोकन...

Advertisement